बंद करो...... बंद करो......
कुछ तो सोचोे कुछ तो समझो बंद करो बंद करो ।
इस बात पर उस बात पर बंद करो बंद करो ।
मरता है कोई मर जाए
भूखा कोई मर जाए।
राजनीति का पूरा चक्कर
वोट ही अपने काम आए ।
आज करो कल करो बंद करो बंद करो ।
बात कोई भी हो जाए
जनता को भाए न भाए।
यही तो अपना धंधा भाई
यही तो अपने काम आए।
रोज करो रोज करो बंद करो बंद करो ।
वो अपनी ताकत दिखलाए
हम पीछे कैसे रह जाए।
ताकत का यही है चक्कर
फिर एक बंद हो जाए।
बस यही नेक काम करो बंद करो बंद करो ।
चुनाव पास जो आए
जनता को कैसे भरमाए।
राम ही नैया पार लगाए
करनी अपनी कैसे बतलाए।
दूजे को नंगा सरेआम करो बंद करो बंद करो ।
जनता मुट्ठी भींचे जाए
तुमको ये समझाती जाए।
नाटक न ये बार बार करो
हमारी समझ में सब ही आए।
ये तमाशा न रोज करो बंद करो बंद करो ।
बकवास तुम्हारी चल जाती है
रोजी रोटी हमारी छिन जाती है।
उस दिन भूखे रहते है बच्चे
जो नेतागिरी तुम्हारी चल जाती है।
गुण्ड़ागर्दी न अब आम करो बंद करो बंद करो ।
कुछ तो सोचो कुछ तो समझो बंद करो बंद करो ।
इस बात पर उस बात पर बंद करो बंद करो ।
आलोक मिश्रा
मोहझरी
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