बादशाह बच जाएगा
जागीरदारों पे तोहमद ठोक के ,
जागीरदार भी खुश
गुनाह वजीरों के सर ठोक के।
फिर सब कहेंगे एक साथ
गुनाह तो हुआ ही नहीं,
जनता सहेगी बेबस रहेगी
खुश थाली ठोक के।
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