सामाजिक विषमताओं पर विचार
दूरीयों को बड़ा कहना छोड़ दिया । मजबूरियों को बड़ा कहना छोड़ दिया ।
हम पहुँच ही जाऐंगे अपने घर । तुम पर भरोसा करना छोड़ दिया ।
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