प्रश्नों के चक्रव्युह
वो कौन थी ?
वो कैसे मरी ?
उसके साथ क्या हुआ ?
क्या ऐसा रोज होता है ?
ऐसा कब तक होता रहेगा ?
ये लोग कौन है ?
क्या उस लड़की के रिश्तेदार है ?
ये क्यों नाराज है ?
क्यों इनके हॉथ हवा में लहराते है ?
ये क्यो नारे लगाने को मजबूर है ?
क्या ये जनता है ?
क्या इसका गुस्सा नाजायज है ?
क्या ये नासमझी है ?
क्या इन्हें किसी ने भडकाया है ?
क्या इसमें विदेशी ताकतों का हॉथ है ?
क्या ये माओवादी है ?
क्या ये आतंकवादी है ?
क्या ये देशद्रोही है ?
फिर इनसे उन्हे डर क्यों लगता है ?
वे जनता पर लाठी क्यों चलवाते है ?
क्यो आवाज दबाते है ?
फिर वे मांफी क्यों मांगते है ?
क्या वे जनता से डरते है ?
क्या वे जनता से बात करने से डरते है ?
क्या वे जनता के बीच आने से डरते है ?
फिर वे जनता के कैसे प्रतिनिधी है ?
क्या जनता उन्हें अपना प्रतिनिधी मानती है ?
वे क्यों डरते है ?
वे मौन क्यों है ?
वे कुछ करते क्यों नहीं ?
क्या वे कुछ करना नहीं चाहते ?
क्या वे कुछ कर ही नहीं सकते ?
क्या उनकी इच्छाशक्ति ही न कहीं है ?
वे किसे बचा रहे है ?
क्या वे अपने आप को बचा रहे है ?
वे अपने आप को क्यों बचा रहे है ?
उन पर कितनी हत्याओं के केस है ?
क्या वे हत्यारे है ?
क्या वे हत्यारों के दलाल है ?
उन पर कितनी महिलओं ने आरोप लगाए है ?
उन का कितनी बार डीएनए टेस्ट हुआ ?
क्या वे बलात्कारी है ?
क्या वे बलात्कारीयों के दलाल है ?
क्या वे खदानों के दलाल है ?
क्या वे संसद के लड़ाके लाल है ?
क्या वे संसद में नोट लहराते है ?
क्या वे सरेआम घूस खाते है ?
क्या वे फर्जी कम्पनीयॉं बनाते है ?
क्या वे देश का पैसा विदेश पहुँचाते है?
क्या दंगे करवाते है ?
क्या वे बंदे मरवाते है ?
क्या वे देशद्रोही है ?
क्या वे देशप्रेमी है ?
क्या वे पकड़े जाऐंगे ?
वे कब तक बच पाएंगे ?
क्या तब समस्या का हल होगा ?
क्या फिर अमन होगा ?
प्रश्न ?
प्रश्न ?
प्रश्न ?
मूल प्रश्न क्या है ?
क्या घटना प्रश्न है ?
क्या लड़की प्रश्न है ?
क्या जनता प्रश्न है ?
क्या व्यवस्था प्रश्न है ?
क्या राजनीति प्रश्न है ?
क्या देश प्रश्न है ?
क्या संसद प्रश्न है ?
क्या राष्ट्रप्रेम प्रश्न है ?
क्या राष्ट्रद्रोह प्रश्न है ?
प्रश्नों के उत्तर कहॉं है ?
उत्तर क्या हैं ?
तो क्या उत्तर खोजना है ?
तो क्या प्रश्नों को फिर से पढ़ना होगा ?
आलोक मिश्रा
बालाघाट म.प्र.